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Wednesday, September 17, 2014

भूपेन्द्रा गैस एजेंसी का काला कारनामा

सिरसा। फर्जी कैनेक्शन जारी कर कालाधन जमा करने वाले भूपेन्द्र गैस एजेंसी के संचालक भूपेन्द्र गुप्ता के काले कारनामों का कुछ उल्लेख यहां करना चाहते हैं। एजेंसी में हो रही घपले बाजी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने वाले और भारत पैट्रोलियम हिसार डिपों में मौजूद अधिकारियों को गड़बड़ी संबंधित दस्तावेज मुहैया करवाने वाले सिरसा की अग्रसैन कालोनी के निवासी सतीश कुमार गोयल पिछले लंबे समय से इंसाफ की बाट जोह रहे हैं। बता दें कि शिकायतकर्ता स्वयं उक्त एजेंसी के उपभोक्ता हैं और जनवरी 2013 को उनकी कॉपी गुम हो जाने पर एजेंसी द्वारा दूसरी कॉपी जारी करने की गुहार लगाई गई। कॉपी जारी करने की बजाए एजेंसी संचालक ने जहां उनके साथ अभद्र व्यहवार किया वहीं उनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करवा दी। सतीश कुमार गोयल ने बताया कि भूपेन्द्र गैस एजेंसी संचालक ने उनकी कॉपी की आड़ में आधा दर्जन सिलेंडर किसी और के नाम अवैध रूप से बेच दिए गए।

पीडि़त उपभोक्ता ने एजेंसी के खिलाफ अनेकों आरटीआई मांग रखी हैं और उसने एजेंसी संचालक पर हजारों फर्जी कैनेक्शन जारी कर रखें है जिनके माध्यम से दो नम्बर रिफिल बेचकर कालाबाजारी के माध्यम से अवैध धन कमाया जा रहा है। इन सबकी पूरे दस्तावेजों के साथ भारत पैट्रोलियम हिसार डिपों में मौजूद टीसी व सेल्ज मैनेजर को शिकायत की गई लेकिन सबसे बड़ी विडम्बना तो यह है कि कंपनी के अधिकारी एजेंसी संचालक द्वारा किए जा रहे घोटालों पर कार्रवाई करने की बजाए उल्टा शिकायतकर्ता को ही एजेंसी संचालक से समझौता करने का दबाव बनाया गया। इससे स्पष्ट होता है कि गैस एजेंसी संचालक द्वारा की जा रही कालाबाजारी में कंपनी के अधिकारी भी इस काले धंधें में शामिल हैं।

शिकायतकर्ता सतीश कुमार गोयल ने गैस एजेंसी संचालक द्वारा फर्जी ढंग से तैयार किय गए फर्जी कैनेक्शनों का पूरा बंडल जिसमें 200 से अधिक फार्म है और सभी फर्जी नाम अंकित किए गए है और उन पर न तो पूरा पता है और न ही मोबाइल नम्बर। सभी दस्तावेजों को प्रस्तुत करते हुए सतीश कुमार गोयल ने 'क्रिमनल कौन' को बताया कि इन पर फर्जी नाम और अधूरे पते भरकर भूपेन्द्रा गैस एजेेंसी का मालिक करोड़ों रूपये के घोटालों को अंजाम दे रहा है। शिकायतकर्ता ने बतया कि इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद एजेंसी संचालक ने अधिकतर फर्जी कैनेक्शन बंद भी करवा दिए हैं।

इस मामले को शिकायतकर्ता सतीश कुमार अब मुंबई स्थित भारत पैट्रोलियम के उच्चाधिकारियों व सीबीआई सहित विजीलेंस तक पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं। शिकायतकर्ता सतीश कुमार का मानना है कि जिस प्रकार से सिरसा की एकमात्र भूपेन्द्रा गैस एजेंसी ने फर्जी गैस कैनेक्शनों के बल पर करोड़ों रूपये के घोटाले को अंजाम दिया है। यदि इस मामले की इमानदारी से जांच की जाए तो पूरे देश में भूचाल आ जाएगा और पिछली यूपीए सरकार में हुए बड़े-बड़े घोटालों की तरह रसोई गैस घोटाले का नाम भी शामिल हो जाएगा। इसके अतिरिक्त केन्द्र में बैठे मंत्रियों आदि की अंदरखाते हिस्सेदारी डालकर या उसकी सिफारिश से गैस एजेंसी लेने वाले अनेकों लोगों के नाम इस गौरखधंधे में उजागर हो सकते हैं।